अब वही दोस्त हमें दूर से देखकर मुस्कराते हैं।
तेरे बिना मेरी ज़िंदगी में सिर्फ खालीपन सा आता है!
ये वो रिश्ते हैं जो वक़्त से नहीं दिल से बनते हैं।
तभी तो चारों तरफ हमारी दोस्ती का शोर है..!
तू मेरा चाय का साथी, मैं तेरा पानीपुरी वाला यार,
ये वो रिश्ता है, जो समय के साथ और भी गहरा होता जाता है।
कभी फुर्सत मिले तो पढ़ना किताब रिश्तों की,
हम कहाँ जाएँगे तुम जैसे दोस्तों को छोड़कर,
यह दीवार बड़ी मुश्किल से खड़ी होती है।
ईश्वर जो खून के रिश्तों को जोड़ना भूल जाता है,
दोस्ती खून के रिश्तों से बड़ी होती है।
कौन कहता है कि दोस्ती-यारी बर्बाद करती है,
बहुत लंबा है ज़िंदगी का सफ़र मेरे दोस्त
Regardless of whether it’s an aged friendship or maybe a newly fashioned jigri dost, these shayaris support us recognize the significance of selfless really like and loyalty Dosti Shayari that could go beyond enmity or misunderstanding.